दाँतों एवं छालों की तकलीफ का आयुर्वेदिक उपचार

दाँतों एवं छालों की तकलीफ का आयुर्वेदिक उपचार

Owned By : satpurushbabafulsandebale

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निरोगीपुरूषही संसार में सुख सदाभेगता। रोगी तो पिछले जनम के पापों को है भोगता॥ पहले बीमर पड़ो ही मत जो दवा खानी पड़े। पहले ही चौकस रहो कहीं पीड़ा ना उठानी पड़े।| फुलसन्दे वाले बाबा कहते रोग भीषण पाप है। रोग से परेशान नर भोगता अभिशाप है।| सतपुरुष बाबा फुलसन्दे वाले कहते हैं- जो सदा अशान्त बने रहते हैं या आलस में पड़े रहते हैं जो कामचोर और निकम्मे हैं उन पर कभी हरियाली नहीं आती। 1.जामुन के हरे पत्ते या तुलसी के हरे पत्ते मुंह में रखकर पान की तरह चबाने से मुख की दुर्गन्ध दूर होती है। 2.खाने के बाद सौंफ चबाने से भी मुंह की दुर्गन्ध दूर होती है। मुंह और दांतो की सफाई का पूरा ख्याल रखें, 3.नीम या बबूल से दातून करना बेहद फायदेमंद है। कृपया एक बार पेज पर जरुर आये https://aayurvedupcharbharat.blogspot.com

Address vill post gonda aligarh up
City
aligarh
State Uttar Pradesh
Country India
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